दो बैलों की कथा Class 9 Hindi Notes and Solutions

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दो बैलों की कथा

यह पोस्ट कहानी को आसान भाषा में समझाती है, इसके मुख्य विचारों को स्पष्ट करती है और अभ्यास-प्रश्नों के सीधे, स्कूल-उपयोगी उत्तर देती है।

लेखक: प्रेमचंद विधा: कहानी मुख्य भाव: अपनापन, स्वतंत्रता, मित्रता, स्वाभिमान
मित्रता + संघर्ष + अपनापन हीरा मोती
प्रतीकात्मक अर्थ: दो बैल केवल पशु नहीं, बल्कि भावना, निष्ठा और अन्याय के विरुद्ध साहस के प्रतीक हैं।
Imp

लेखक परिचय

प्रेमचंद हिंदी साहित्य के बहुत महत्त्वपूर्ण कथाकार माने जाते हैं। उनकी रचनाओं में गाँव, किसान, मजदूर, स्त्री, दलित और सामान्य मनुष्य का जीवन सच्चाई के साथ दिखाई देता है।

उनका मूल नाम धनपत राय था। उनकी भाषा सरल, प्रभावशाली और लोकजीवन से जुड़ी हुई है, इसलिए उनकी कहानियाँ आज भी विद्यार्थियों को जल्दी समझ में आ जाती हैं।

इस कहानी में प्रेमचंद ने पशुओं के माध्यम से मनुष्य के भाव, अन्याय, स्वतंत्रता और अपनापन जैसे बड़े विषयों को बहुत असरदार ढंग से सामने रखा है।
पाठ परिचय

कहानी का मूल भाव

“दो बैलों की कथा” केवल दो पशुओं की कहानी नहीं है। यह कहानी बताती है कि प्रेम, सम्मान और अपनापन किसी भी प्राणी के लिए भोजन जितने ही ज़रूरी होते हैं।

कहानी में हीरा और मोती मेहनती, संवेदनशील और स्वाभिमानी बैल हैं। वे अपने मालिक झूरी से गहरा लगाव रखते हैं और नए स्थान पर अपमान तथा कठोर व्यवहार सहना स्वीकार नहीं करते।

  • मित्रता कहानी की सबसे मजबूत धुरी है।
  • स्वतंत्रता केवल बंधन तोड़ना नहीं, अपने सच्चे घर और सम्मान तक लौटना भी है।
  • अन्याय सहते रहना सही नहीं; कई बार विरोध करना आवश्यक हो जाता है।
Imp कथानक

कहानी का सरल क्रम

1. झूरी के घर हीरा और मोती का प्रेमपूर्ण जीवन 2. ससुराल भेजे जाने पर बैलों का दुख और विरोध 3. कठोर व्यवहार, भागना, संघर्ष और छोटी लड़की की दया 4. काँजीहाउस, दीवार तोड़ना, साथ निभाना और साहस 5. घर वापसी, अपनापन और जीत

पहला चरण

हीरा और मोती झूरी के बैल हैं। दोनों साथ काम करते हैं, एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और अपने मालिक के घर को अपना घर मानते हैं।

दूसरा चरण

जब उन्हें झूरी के साले गया के साथ भेजा जाता है, तो वे दुखी हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि मालिक ने उन्हें बेच दिया है, इसलिए वे नए स्थान को मन से स्वीकार नहीं करते।

तीसरा चरण

गया के घर पर उन्हें सूखा भूसा, डंडे और कठोरता मिलती है। वहीं एक छोटी लड़की उन्हें चुपके से रोटियाँ खिलाती है और उनकी पीड़ा समझती है।

चौथा चरण

भागते-भागते वे कई संकटों से गुजरते हैं। काँजीहाउस में बंद होने पर भी वे हार नहीं मानते और हीरा- मोती मिलकर दीवार तोड़ने की कोशिश करते हैं।

पाँचवाँ चरण

आखिर वे अपने घर का रास्ता पहचान लेते हैं और लौट आते हैं। झूरी उन्हें प्यार से अपनाता है, जबकि मोती उन्हें छीनने आए आदमी को भगा देता है।

पात्र

मुख्य पात्रों का परिचय

पात्रस्वभावभूमिकाविशेष बात
हीराधैर्यवान, सहनशील, सोच-समझकर काम करने वालाकहानी में संतुलन और नैतिकता का प्रतिनिधिगिरे हुए शत्रु पर वार नहीं करना चाहता
मोतीतेज़, साहसी, जल्दी क्रोधित होने वालाअन्याय के खिलाफ तत्काल प्रतिक्रिया देने वाला पात्रमित्र के लिए जोखिम उठाता है
झूरीस्नेही, समझदार, पशु-प्रेमीबैलों को घर जैसा वातावरण देने वाला मालिकउसके साथ बैलों का भावनात्मक रिश्ता है
गयाकठोर, स्वार्थी, मारपीट करने वालाअन्यायपूर्ण व्यवहार का प्रतीकउसके कारण बैलों का विद्रोह बढ़ता है
छोटी लड़कीदयालु, संवेदनशील, साहसीकठिन समय में आशा की किरणचुपके से बैलों की मदद करती है
झूरी की पत्नीशुरुआत में कठोर, अंत में बदली हुईमानवीय सोच के परिवर्तन को दिखाती हैअंत में बैलों के प्रति स्नेह दिखाती है
Imp विचार

कहानी के मुख्य संदेश

1. अपनापन केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं

हीरा और मोती अपने घर, मालिक और पुराने जीवन से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। यह दिखाता है कि पशु भी प्रेम और अपमान दोनों महसूस करते हैं।

2. मित्रता का सच्चा अर्थ साथ निभाना है

जब एक बैल संकट में पड़ता है, तो दूसरा उसे छोड़कर नहीं भागता। उनकी दोस्ती शब्दों से नहीं, कर्मों से सिद्ध होती है।

3. अन्याय के खिलाफ आवाज़ ज़रूरी है

कहानी यह नहीं सिखाती कि केवल सहते रहो। वह बताती है कि सीमा पार होने पर विरोध करना भी उचित है।

4. स्वतंत्रता का अर्थ सम्मान के साथ जीवन

सिर्फ खुला होना ही स्वतंत्रता नहीं है। अपनी इच्छा, अपने रिश्तों और अपने सम्मान के साथ जीना ही सच्ची स्वतंत्रता है।

5. दया छोटी हो सकती है, प्रभाव बड़ा

छोटी लड़की की दो रोटियाँ भूख से ज़्यादा दिल को सहारा देती हैं। प्रेम कई बार शरीर से पहले मन को बचाता है।

Imp परीक्षा बिंदु

स्वतंत्रता आंदोलन से संबंध

इस कहानी को केवल पशुओं की कथा मानना अधूरा होगा। इसमें दबाव, बंधन, अपमान, विद्रोह, साहस और घर-वापसी जैसे प्रसंग उस समय की राष्ट्रीय भावना की भी याद दिलाते हैं।

हीरा और मोती को भारतीय जनता का प्रतीक माना जा सकता है, जो अत्याचार सहने के बाद भी अपने सम्मान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करती है।
  • बंधन = पराधीनता
  • भागना और लौटना = स्वतंत्रता की चाह
  • अन्याय का प्रतिकार = दमन के विरुद्ध संघर्ष
  • मित्रता और सहयोग = सामूहिक शक्ति
भाषा और शैली

साहित्यिक विशेषताएँ

विशेषताअर्थकहानी में रूपसरल उदाहरण
चित्रात्मकताशब्दों से दृश्य बन जानाबैलों की चाल, थकान, कीचड़ और हावभाव का जीवंत वर्णनपाठक को ऐसा लगता है जैसे दृश्य आँखों के सामने चल रहा हो
संवादात्मकतासंवादों से कथा आगे बढ़नामूक-भाषा के माध्यम से बैलों के विचार प्रकट होते हैंपात्रों की भावना सीधे समझ में आती है
विरोधाभासएक ही प्रसंग में दो विपरीत स्थितियाँएक ओर झूरी का स्नेह, दूसरी ओर गया की कठोरतायही तुलना कहानी को अधिक प्रभावशाली बनाती है
व्यंग्यकटाक्ष के माध्यम से समाज की कमजोरी दिखानापशुओं और मनुष्यों की तुलना से समाज पर टिप्पणीसीधापन कई बार दुनिया में कमजोरी मान लिया जाता है
संघर्षदो विरोधी स्थितियों का टकरावबैल बनाम अत्याचार, बैल बनाम साँड़, बैल बनाम बंधनसंघर्ष से कथा में गति आती है
अतिशयोक्तिकिसी बात को बहुत बढ़ाकर कहनास्नेह और पीड़ा को प्रभावशाली बनाने में प्रयोगभावना को तीव्र रूप से व्यक्त करने का साधन

कहानी के प्रारंभ से मिलने वाले संकेत

  • शुरुआत से ही पशुओं के माध्यम से मनुष्य-समाज पर टिप्पणी का संकेत मिलता है।
  • ग्रामीण परिवेश, श्रम और पशु-जीवन कहानी की जमीन तैयार करते हैं।
  • गधे और बैल की तुलना से लेखक आगे आने वाले व्यंग्य और विचार का माहौल बनाता है।
Imp शब्द

चुनिंदा शब्दार्थ और मुहावरे

शब्दअर्थशब्दअर्थ
सहिष्णुतासहन करने की क्षमताविषादउदासी
आत्मीयताअपनापनबरकतलाभ या अच्छा प्रभाव
व्याकुलबेचैनतजुर्बाअनुभव
काँजीहाउसपशुओं को बंद करने का सरकारी बाड़ाउन्मत्तअत्यधिक उत्साहित या नियंत्रण से बाहर
नीलामबोली लगाकर बेचनाअख्तियारअधिकार या नियंत्रण
मुहावराअर्थनया वाक्य
दाँतों पसीना आनाबहुत कठिनाई होनाभारी अलमारी उठाने में हम सबको दाँतों पसीना आ गया।
दिल काँप उठनाबहुत डर जानातेज़ आवाज़ सुनकर छोटे बच्चे का दिल काँप उठा।
जल उठनाक्रोध या ईर्ष्या से भर जानाअनुचित बात सुनकर वह जल उठा।
गम खा जानादुख को भीतर दबा लेनाडाँट खाने के बाद भी उसने गम खा लिया और चुप रहा।
ईंट का जवाब पत्थर से देनाकड़े रूप में उत्तर देनाटीम ने हार के बाद अगले मैच में ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
नौ-दो ग्यारह होनाजल्दी भाग जानाकुत्ते को देखकर बंदर नौ-दो ग्यारह हो गया।
अभ्यास

अभ्यास के उत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. कहानी में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है?

उत्तर: (ख) एकता और सहयोग। दोनों हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ निभाते हैं।

2. हीरा- मोती ने नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया?

उत्तर: (ग) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा। उन्हें लगा कि उनसे बेवफाई हुई है।

3. बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया?

उत्तर: (घ) अपनापन पाने के लिए। वे केवल बंधन से नहीं, अपने सच्चे घर की ओर लौटना चाहते थे।

4. गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मनोवृत्ति का द्योतक है?

उत्तर: (क) स्वाभिमान। मोती अन्याय और अपमान को चुपचाप नहीं सहना चाहता।

5. कहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया?

उत्तर: (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए। इससे बैलों की भावना और विचार स्पष्ट होते हैं।

6. कहानी को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं?

उत्तर: (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के। वे अत्याचार के विरुद्ध सम्मान और स्वतंत्रता की लड़ाई का संकेत देते हैं।

मेरी समझ मेरे विचार

1. बैलों ने नए मालिक के यहाँ काम करने से इनकार क्यों किया?

क्योंकि वे मन से झूरी के थे। उन्हें लगा कि उन्हें बेच दिया गया है, इसलिए वे अपमानित भी थे और दुखी भी। ऊपर से नया व्यवहार कठोर था, इसलिए उन्होंने काम न करके अपना विरोध जताया।

2. बैलों का घर लौट आना साधारण घटना क्यों नहीं है?

यह घटना बताती है कि पशु केवल आदेश मानने वाली वस्तु नहीं हैं। वे घर, प्रेम और अपनेपन को पहचानते हैं। हीरा- मोती का लौटना उनकी स्मृति, निष्ठा और भावनात्मक लगाव को सिद्ध करता है।

3. “कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है” — कहानी से सिद्ध कीजिए।

बैलों ने अन्याय सहते-सहते अंत में विरोध किया। उन्होंने काम से मना किया, बंधन तोड़ा, साँड़ का सामना किया, काँजीहाउस की दीवार गिराई और अंत में अपने अधिकार का बचाव भी किया। इससे स्पष्ट है कि हर समय चुप रहना उचित नहीं।

4. हीरा और मोती स्वतंत्रता और अपनापन में से किससे अधिक प्रेरित थे?

दोनों भाव महत्त्वपूर्ण थे, पर अपनापन अधिक गहरा था। यदि केवल स्वतंत्रता ही उद्देश्य होती, तो वे कहीं भी मुक्त रह सकते थे; लेकिन वे सीधे झूरी के घर लौटे। इससे साबित होता है कि वे अपने घर और अपने लोगों से अधिक जुड़े थे।

5. “अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है” — क्या आप सहमत हैं?

हाँ, काफी हद तक सहमत हूँ। जब हम अन्याय को बिना विरोध स्वीकार करते जाते हैं, तो अन्यायी का साहस बढ़ता है। कहानी में बैलों का प्रतिरोध यही सिखाता है कि सम्मान बचाने के लिए सही समय पर आवाज़ उठानी चाहिए।

6. हीरा और मोती के अभिन्न मित्र होने के कम-से-कम तीन प्रमाण लिखिए।

(i) दोनों साथ काम करते हैं और एक-दूसरे का बोझ बाँटना चाहते हैं।
(ii) जब एक पकड़ा जाता है, तो दूसरा उसे छोड़कर नहीं भागता।
(iii) काँजीहाउस में भी दोनों साथ रहते हैं और एक-दूसरे को बचाने का प्रयास करते हैं।

7. मालकिन और छोटी लड़की के व्यवहार की तुलना कीजिए।

मालकिन शुरुआत में बैलों को कामचोर समझती है और कठोर दृष्टि रखती है, जबकि छोटी लड़की उनकी पीड़ा समझती है और चुपके से मदद करती है। अंत में मालकिन का मन बदलता है, पर लड़की शुरू से ही दयालु और संवेदनशील है।

मेरी कल्पना मेरे अनुमान

1. यदि आप वह छोटी लड़की होते, तो बैलों की मदद कैसे करते?

मैं उन्हें चुपके से खाना देता, उनकी रस्सी खोलने से पहले कोई सुरक्षित समय देखता और किसी समझदार बड़े व्यक्ति को भी बताता कि पशुओं पर अत्याचार हो रहा है। मैं यह भी कोशिश करता कि उन्हें फिर से प्रेमपूर्ण घर मिल सके।

2. “भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखते हैं” — अपने विचार लिखिए।

यह बात सही लगती है। कहानी में गधे भागने का मौका पाकर भी डरते रहे। वास्तविक जीवन में भी कई विद्यार्थी सही उत्तर जानते हुए हाथ नहीं उठाते, क्योंकि उन्हें गलती का डर रहता है। डर अवसर को रोक देता है।

मेरे अनुभव मेरे विचार

1. क्या सच्ची दोस्ती में धौल-धप्पा ज़रूरी है?

नहीं, हर दोस्ती में ऐसा होना ज़रूरी नहीं। सच्ची दोस्ती का आधार विश्वास, सम्मान, सहजता और कठिन समय में साथ देना है। कुछ मित्र मज़ाक में खुलकर रहते हैं, पर यह मित्रता की अनिवार्य शर्त नहीं है।

2. गिरे हुए शत्रु पर वार न करने के विचार से आप किसके साथ हैं?

मैं हीरा के साथ अधिक हूँ। आत्मरक्षा तक संघर्ष ठीक है, लेकिन बदला लेने के लिए गिरे हुए पर वार करना उचित नहीं। इससे हमारा नैतिक स्तर गिरता है।

3. किसी चुनौती का सामना मित्र या परिवार के साथ मिलकर करने का उदाहरण दीजिए।

उदाहरण के रूप में, परीक्षा के समय मैं और मेरा मित्र मिलकर पढ़ाई की योजना बनाते हैं। कठिन अध्याय हम बाँट लेते हैं, फिर एक-दूसरे को समझाते हैं। इससे डर कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

कहानी की पड़ताल

बिंदुउत्तर
शीर्षक और लेखकदो बैलों की कथा — प्रेमचंद
विषयमित्रता, अपनापन, पशु-संवेदना, स्वाभिमान, स्वतंत्रता
परिवेश / देश-कालग्रामीण भारतीय समाज, खेती-किसानी वाला वातावरण
मुख्य पात्रहीरा, मोती, झूरी, गया, छोटी लड़की, मालकिन
परिणामबैलों की घर-वापसी और अपनेपन की जीत
कहानी का सौंदर्यसरल भाषा, जीवंत चित्रण, पशुओं के माध्यम से गहरा मानवीय संदेश

कहानी की शुरुआत में मिलने वाले संकेत लिखिए।

शुरुआत में ही लेखक पशुओं के बहाने मनुष्य-समाज पर टिप्पणी करता है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि आगे कहानी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि विचार भी देगी। साथ ही ग्रामीण जीवन और श्रम की पृष्ठभूमि भी बन जाती है।

कहानी का समय और समाज

कहानी का वाक्यस्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ाव
1. “जोर तो मारता ही जाऊँगा...”6. स्वतंत्रता सेनानी बार-बार जेल गए, फिर भी संघर्ष नहीं छोड़ा।
2. “मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा।”5. प्राण देना स्वीकार था, पर दासता की सेवा नहीं।
3. “हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता।”4. दासता में भारतीयों के प्राण और सम्मान की कद्र नहीं थी।
4. “रोमे-रोमे में विद्रोह भरा हुआ था।”2. जनता के मन में अन्याय के प्रति विद्रोह गहराता गया।
5. “नौ-दस प्राणियों की जान बच गई।”1. बलिदान और साहस से दूसरों को प्रेरणा मिली।
6. “साँड़ पूरा हाथी है... पर दोनों मित्र लपके।”3. शक्तिशाली शत्रु के सामने भी साहसपूर्वक संघर्ष किया गया।

पशुओं के लिए कानून

1. बैलों का काँजीहाउस में बंद होना न्याय और अन्याय दोनों को कैसे दिखाता है?

न्याय इस अर्थ में कि खेतों को नुकसान पहुँचाने वाले पशुओं को नियंत्रण में रखना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है। अन्याय इस अर्थ में कि वहाँ पशुओं को भोजन, देखभाल और मानवीय व्यवहार नहीं मिला, जो बिल्कुल गलत है।

2. बैलों की ओर से कौन-कौन से कानूनी अधिकार माँगे जा सकते हैं?

(i) पर्याप्त भोजन और साफ पानी का अधिकार
(ii) बिना मारपीट के मानवीय व्यवहार का अधिकार
(iii) उपचार और सुरक्षा का अधिकार
(iv) जबरन क्रूर श्रम से सुरक्षा
(v) उचित देखभाल और आश्रय का अधिकार

3. थानाध्यक्ष को शिकायत-पत्र

सेवा में, थानाध्यक्ष महोदय, थाना — ________विषय: पशुओं पर अत्याचार के संबंध में शिकायतमहोदय, हमारा नाम हीरा और मोती है। हमारे साथ कठोर मारपीट की गई, पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया और हमें अमानवीय परिस्थितियों में बाँधकर रखा गया। बाद में हमें काँजीहाउस जैसी जगह पर भी भूखा-प्यासा रखा गया। यह व्यवहार अन्यायपूर्ण और क्रूर है।अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई करें तथा पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करें।धन्यवाद।भवदीय, हीरा और मोती

हमारी धरोहर और संस्कृति

1. हीरा और मोती कौन-से काम कभी नहीं करते थे?

वे गिरे हुए शत्रु पर वार नहीं करना चाहते, औरत पर सींग नहीं चलाना चाहते, अपने साथी को छोड़कर भागना नहीं चाहते और बिना कारण क्रूरता नहीं करते।

2. हीरा के कथन किन भारतीय मूल्यों की ओर संकेत करते हैं?

ये कथन दया, मर्यादा, धर्मपालन, आत्मसंयम और शत्रु के प्रति भी सीमित व्यवहार जैसे मूल्यों की ओर संकेत करते हैं।

3(क). कृषि के पारंपरिक और आधुनिक उपकरण लिखिए।

पारंपरिक: हल, बैलगाड़ी, सींचाई के देसी साधन, खुरपी, फावड़ा।
आधुनिक: ट्रैक्टर, थ्रेशर, हार्वेस्टर, पंपसेट, स्प्रे मशीन, सीड ड्रिल।

3(ख). गाँवों और शहरों में बैल किस-किस काम में सहायक होते हैं?

गाँवों में बैल जुताई, गाड़ी खींचने, सामान ढोने और कृषि कार्य में उपयोगी रहे हैं। कुछ स्थानों पर वे आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं। शहरों में उनका उपयोग कम है, पर पारंपरिक मेलों, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक पहचान में उनका स्थान बना हुआ है।

अलग-अलग और साथ-साथ

1. हीरा और मोती की विशेषताएँ लिखिए।

हीरा: धैर्यवान, शांत, सहनशील, विवेकशील।
मोती: साहसी, तेज, गुस्सैल, तुरंत प्रतिक्रिया देने वाला।

2. उनकी भिन्न विशेषताएँ एक-दूसरे को कैसे पूरा करती हैं?

हीरा का धैर्य मोती के आवेग को संतुलित करता है, जबकि मोती का साहस हीरा की सहनशीलता को शक्ति देता है। इस तरह दोनों मिलकर अधिक सक्षम बनते हैं।

3. अलग स्वभाव वाले सहपाठियों से कैसा व्यवहार होना चाहिए?

हमें सम्मान, धैर्य और सहयोग से पेश आना चाहिए। पढ़ाई में एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, मज़ाक की सीमा समझनी चाहिए और किसी की कमजोरी को अपमान का कारण नहीं बनाना चाहिए।

4. मूक-भाषा से हीरा और मोती कैसे बात करते होंगे?

वे आँखों, गर्दन की हरकत, सींगों के हल्के स्पर्श, पूँछ की गति, चाल और आवाज़ के छोटे संकेतों से अपनी बात समझते होंगे। यह आपसी समझ लंबे साथ से बनी होगी।

5. बिना शब्दों के संवाद कब-कब होता है?

जैसे—मुस्कान से खुशी जताना, सिर हिलाकर हाँ या ना कहना, इशारे से बुलाना, आँखों से सावधान करना, मंच पर हाथ के संकेतों से दिशा देना।

मार्ग खोजेंगे कैसे?

1. यदि कोई रास्ता भूल जाए तो क्या करना चाहिए?

घबराना नहीं चाहिए। पहले सुरक्षित स्थान पर रुकें, आसपास के बोर्ड देखें, विश्वसनीय व्यक्ति से पूछें, पुलिस चौकी, स्कूल, दुकान या सरकारी भवन की मदद लें।

2. सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुँचने के तरीके लिखिए।

(i) मोबाइल मैप का उपयोग करें।
(ii) पुलिस या सुरक्षा कर्मी से पूछें।
(iii) किसी सुनसान जगह की बजाय भीड़भाड़ या सरकारी स्थान पर जाएँ।
(iv) परिवार या परिचित को अपनी लोकेशन बताएँ।
(v) दिशा-पट, दुकान के बोर्ड और सड़क संकेत पढ़ें।

3. विद्यालय में आपदा के समय निकासी मार्ग कैसे पहचानें?

विद्यालय के निकासी-मानचित्र को ध्यान से देखें, अपनी कक्षा के सबसे निकट वाले सुरक्षित दरवाज़े को पहचानें, सीढ़ियों और खुले मैदान तक जाने वाला मार्ग याद रखें, और अभ्यास के समय उसी मार्ग का पालन करें।

Imp

परीक्षा के लिए तैयार उत्तर

एक पंक्ति में याद रखें: “दो बैलों की कथा” में हीरा और मोती के माध्यम से प्रेमचंद ने मित्रता, स्वाभिमान, अन्याय के विरोध, पशु-संवेदना और स्वतंत्रता की भावना को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया है।
  • हीरा = धैर्य और मर्यादा
  • मोती = साहस और प्रतिरोध
  • झूरी = अपनापन
  • गया = कठोरता और अन्याय
  • छोटी लड़की = करुणा और आशा