Class 6 Chapter 12 हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान

पाठ 12

हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान

— रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (1908–1974)

परिचय (Introduction)

यह पाठ एक यात्रा-वृत्तांत है, जिसे प्रसिद्ध कवि और लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने लिखा है। इसमें लेखक अपनी मॉरिशस यात्रा का सजीव वर्णन करते हैं। रास्ते में नैरोबी (केन्या) में रुककर वे नेशनल पार्क घूमते हैं और अफ़्रीका के जंगली जानवरों को देखते हैं। अंत में मॉरिशस पहुँचकर उन्हें वहाँ एक छोटा-सा हिंदुस्तान बसा हुआ दिखता है।

In short: This is a travelogue by the famous poet Ramdhari Singh ‘Dinkar’. He describes his journey to Mauritius, a stop at Nairobi National Park in Kenya, and how Mauritius feels like “a small India” because of its Indian-origin people and culture.

कहानी का सार (The Story)

यात्रा की शुरुआत

लेखक दिल्ली से 15 जुलाई को, बंबई (मुंबई) से 16 जुलाई को और नैरोबी से 17 जुलाई को मॉरिशस के लिए रवाना हुए। बीच में उन्हें नैरोबी में रुकने का मौका मिला, तो उन्होंने अफ़्रीका के शेरों को देखने का निश्चय किया।

नैरोबी का नेशनल पार्क

लेखक बताते हैं कि नैरोबी का नेशनल पार्क कोई चिड़ियाघर नहीं, बल्कि शहर से बाहर फैला एक विशाल खुला जंगल है, जहाँ अच्छी सड़कें बनी हैं और पर्यटकों की गाड़ियाँ घूमती रहती हैं। सड़क पर मोटरों के ऊपर बंदर और लंगूर चढ़े दिखे, क्योंकि पर्यटक उन्हें फल और बिस्कुट खिलाते हैं।

नैरोबी नेशनल पार्क — खुला जंगल, सड़कें और पर्यटकों की गाड़ियाँ

शेरों से “मुलाकात”

बहुत घूमने के बाद लेखक उस जगह पहुँचे जहाँ सात-आठ शेर आराम से लेटे या सो रहे थे और उनके चारों ओर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। शेरों को इंसानों की बिल्कुल परवाह नहीं थी — उन्होंने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं। लेखक मज़ाक में कहते हैं कि शेरों की नज़र में वे पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।

हिरनों और जिराफ़ का प्रसंग

थोड़ी दूर हिरनों का एक झुंड दिखा, जिनके बीच एक जिराफ़ खड़ा था। दो जवान शेर उठे और शिकार की तैयारी में चुपके से आगे बढ़ने लगे। हिरन सावधान होकर गोल घेरा बनाकर खड़े रहे — क्योंकि जो झुंड से बिछड़कर भागता है, शेर उसी को पकड़ते हैं। यह देखकर लेखक का रक्तचाप (blood pressure) बढ़ गया और उन्होंने लौटने का फ़ैसला किया।

मॉरिशस पहुँचना

नैरोबी से शाम चार बजे उड़कर पाँच घंटे की उड़ान के बाद जहाज़ रात करीब दस बजे मॉरिशस पहुँचा। अँधेरा था, बारिश हो रही थी, फिर भी बहुत लोग स्वागत के लिए आए थे। स्वागत का दृश्य देखकर लेखक को लगा कि यह छोटे पैमाने पर भारत ही है।

मॉरिशस — “छोटा-सा हिंदुस्तान”

  • मॉरिशस हिंद महासागर में बसा एक छोटा द्वीप है, जिसका रकबा लगभग 720 वर्गमील है। इसे “हिंद महासागर का मोती” कहा गया है।
  • यहाँ की 67% आबादी भारतीय मूल की है और लगभग 53% लोग हिंदू हैं।
  • राजधानी पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बंबई जैसे भारतीय शहरों पर हैं; एक मोहल्ले का नाम तो काशी है।
  • राजभाषा अंग्रेज़ी है, संस्कृति की भाषा फ्रेंच, पर आम जनता क्रेयोल बोलती है। दूसरी बड़ी जनभाषा भोजपुरी है — यहाँ तक कि चीनी लोग भी भोजपुरी बोल लेते हैं।
  • ऊख (गन्ने) की खेती और चीनी उद्योग मॉरिशस की असली ताकत हैं, जो भारतीय मज़दूरों की मेहनत से खड़े हुए।
Why “small India”? Most people are of Indian origin, streets carry Indian city names, Bhojpuri and Hindu traditions thrive, and sugarcane farming was built by Indian workers — so Mauritius genuinely feels like a miniature India.

धर्म और संस्कृति की रक्षा

अंग्रेज़ मालिक चाहते थे कि भारतीय लोग ईसाई (क्रिस्तान) बन जाएँ, पर भारतीयों ने अत्याचार सहे, फिर भी अपने धर्म पर डटे रहे। उन्होंने इस द्वीप को छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला — यह गर्व की बात है। मॉरिशस के हर प्रमुख गाँव में शिवालय है, रामचरितमानस का पाठ होता है, और साल का सबसे बड़ा पर्व शिवरात्रि है, जब लोग सफ़ेद वस्त्र पहनकर काँवर लेकर “परी-तालाब” जाते हैं।

मॉरिशस के हर गाँव में शिवालय — भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक

Imp शब्द व अर्थ (Important Terms)

  • यात्रा-वृत्तांत — यात्रा का सजीव विवरण (a travelogue)।
  • नेशनल पार्क — खुला संरक्षित जंगल जहाँ जानवर स्वतंत्र घूमते हैं। चिड़ियाघर — बंद पिंजरों में जानवर रखे जाते हैं। (यही मुख्य अंतर है)
  • रक्तचाप — नसों में बहते रक्त का दीवारों पर दबाव (blood pressure)।
  • क्रेयोल — दो भाषाओं के मेल से बनी नई भाषा।
  • काँवर — बाँस का मज़बूत डंडा जिसके दोनों सिरों पर टोकरियाँ बँधी होती हैं, जिनमें यात्री गंगाजल ले जाते हैं।
  • बी.ओ.ए.सी. — ‘British Overseas Airways Corporation’ — एक पुरानी विदेशी विमान कंपनी।
  • भूमध्य रेखा — पृथ्वी को उत्तरी व दक्षिणी भाग में बाँटने वाली काल्पनिक रेखा।
  • देशांतर रेखा — उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ।

मेरी समझ से (Q&A — सही उत्तर चुनिए)

1. हिरण समूह में क्यों खड़े थे?

भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था। (★)
— झुंड से बिछड़ने वाले जानवर को ही शेर पकड़ते हैं, इसलिए वे सुरक्षा के लिए गोल घेरे में खड़े रहे।

2. मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ही है। कैसे?

भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं। (★)
— भाषा, धर्म, गली-मोहल्लों के नाम और संस्कृति सब भारत जैसे हैं।

सोच-विचार के लिए (Q&A)

(क) नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में क्या अंतर है?

नेशनल पार्क शहर से बाहर एक खुला व विशाल जंगल होता है, जहाँ जानवर आज़ादी से अपने प्राकृतिक वातावरण में रहते हैं। चिड़ियाघर में जानवरों को पिंजरों या सीमित घेरों में बंद रखा जाता है।

(ख) “हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।” वे कौन थे और ऐसा क्यों समझा?

वे शेर थे। शेरों ने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं, मानो इंसानों की उनके लिए कोई अहमियत ही न हो। इसीलिए लेखक ने कहा कि शेरों की नज़र में वे पेड़-पौधों से भी कम महत्व के थे।

(ग) “मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग हैं।” — इसके समर्थन में कौन-सा तर्क दिया गया है?

यदि भारतीय वंश के लोग मॉरिशस न गए होते, तो वहाँ ऊख की खेती और चीनी के कारखाने कभी न बनते। पूरा मॉरिशस कृषि-प्रधान द्वीप भारतीयों की मेहनत के कारण ही समृद्ध बना।

(घ) भारत से गए लोगों ने मॉरिशस को हिंदुस्तान जैसा कैसे बना दिया?

उन्होंने अपने धर्म, त्योहार, भाषा (भोजपुरी) और रीति-रिवाज़ों को जीवित रखा। शहरों-मोहल्लों के नाम भारतीय रखे, हर गाँव में शिवालय बनाए और शिवरात्रि जैसे पर्व मनाए — इस तरह मॉरिशस भारत की छोटी प्रतिकृति बन गया।

अनुमान या कल्पना से (Q&A)

(क) मॉरिशस में लोगों ने गली-मोहल्लों के नाम भारतीय शहरों जैसे क्यों रखे होंगे?

क्योंकि वहाँ बसे भारतीय अपनी मातृभूमि से गहरा लगाव रखते थे। परिचित नाम रखकर वे अपने वतन की याद और अपनापन जीवित रखना चाहते थे।

(ख) पर्यटकों के घेरे रहने से जंगली जानवरों पर क्या प्रभाव पड़ता होगा?

हाँ, प्रभाव पड़ता है। लगातार इंसानों के संपर्क में रहने से जानवरों का स्वाभाविक व्यवहार बदल जाता है — बंदर भोजन के लिए मोटरों पर चढ़ जाते हैं और शेर इंसानों से बिल्कुल नहीं डरते। वे मनुष्यों के आदी होकर अपनी स्वाभाविक सतर्कता खो देते हैं।

(ग) शेरों के आस-पास होने पर भी जिराफ़ क्यों खड़ा रहा होगा?

जिराफ़ शायद यह जानता था कि शेर तभी हमला करते हैं जब कोई झुंड से बिछड़कर भागे। शांत खड़े रहने से वह सुरक्षित था; भागने पर ही वह आसान शिकार बन जाता। इसलिए वह स्थिर खड़ा रहा।

(घ) उस झील का नाम ‘परी-तालाब’ क्यों पड़ा होगा?

झील का सुंदर, शांत और रहस्यमय वातावरण देखकर हिंदुओं ने इसका संबंध परियों से जोड़ दिया होगा — मानो यहाँ परियाँ आती हों। इसी कल्पना के कारण इसका नाम ‘परी-तालाब’ पड़ गया।

(ङ) करीब 50 साल पहले ‘परी-तालाब’ का नाम बदलकर ‘गंगा-तालाब’ क्यों रखा गया होगा?

मॉरिशस के हिंदुओं के लिए गंगा नदी अत्यंत पवित्र है। इस झील को धार्मिक रूप से गंगा जितना पवित्र मानकर, अपनी आस्था और भारतीय जड़ों से जुड़ाव दिखाने के लिए इसका नाम ‘गंगा-तालाब’ रख दिया गया।

व्याकरण — संज्ञा के स्थान पर (सर्वनाम)

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं, उन्हें सर्वनाम (pronoun) कहते हैं।

वाक्य 1: “हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।”
→ सर्वनाम: उन्हें (बच्चों के लिए)

वाक्य 2: “भारतीयों ने अत्याचार सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेजा था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।”
→ सर्वनाम: वे, उन्हें, उस, उन्होंने

संज्ञा लगाकर पुनर्लेखन: उपरोक्त वाक्यों में सर्वनाम की जगह संज्ञा रखने पर — “बच्चों को भी गांधी टोपी पहननी पड़ती है” और “भारतीय अपने धर्म पर डटे रहे और भारतीयों ने उस द्वीप को छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।”

मिलकर करें मिलान (Matching — Solved)

स्तंभ 1सही मिलान (स्तंभ 2)
अफ़्रीकाएशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा महाद्वीप।
नैरोबीअफ़्रीका महाद्वीप के देश ‘केन्या’ की राजधानी।
रक्तचापनसों में बहते रक्त द्वारा उनकी दीवारों पर पड़ने वाले दबाव का नाम।
बी.ओ.ए.सी.‘ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज़ कॉरपोरेशन’ — पुरानी विदेशी विमान कंपनी।
भूमध्य रेखापृथ्वी को उत्तरी व दक्षिणी भाग में बाँटने वाली काल्पनिक रेखा।
देशांतर रेखाउत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ।
तुलसीदासश्रीराम के जीवन पर आधारित ‘रामचरितमानस’ लिखने वाले कवि।
क्रेयोलदो भाषाओं के मेल से बनी नई भाषा।
काँवरबाँस का मज़बूत डंडा जिसके दोनों सिरों पर टोकरियाँ बँधी होती हैं।

उलझन सुलझाओ — समय का अंतर (Time Zones)

जहाज़ नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ा और 5 घंटे उड़ान भरी, तो 9 बजे पहुँचना चाहिए था — पर वह लगभग 10 बजे पहुँचा। ऐसा क्यों?

कारण: मॉरिशस, नैरोबी से पूर्व की ओर है, इसलिए वहाँ का समय (time zone) लगभग 1 घंटा आगे है। इसी समय-क्षेत्र के अंतर के कारण घड़ी में एक घंटा अधिक दिखा।
भारत की घड़ी मॉरिशस की घड़ी
भारत और मॉरिशस के बीच समय का अंतर लगभग 1½ घंटे का है

घड़ियों के अनुसार उत्तर:

  • मॉरिशस और भारत के समय में लगभग 1 घंटा 30 मिनट का अंतर है।
  • सूर्योदय पहले कहाँ? — भारत में, क्योंकि भारत मॉरिशस से पूर्व की ओर है।
  • जब भारत में दोपहर के 12 बजे होंगे, उस समय मॉरिशस में लगभग सुबह 10:30 बज रहे होंगे।
Concept: Places to the east see the sun earlier and their clocks run ahead. This is why the same moment shows different times in different countries (time zones).

पत्र से संबंधित प्रश्न (Q&A)

प्रश्नउत्तर
(क) पत्र किसने लिखा है?रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने।
(ख) पत्र किसे लिखा गया है?चतुर्वेदी जी को।
(ग) किस तिथि को लिखा गया?8-7-67 (8 जुलाई 1967)।
(घ) किस स्थान से लिखा गया?नई दिल्ली (सफ़दरजंग लेन) से।
(ङ) पाने वाले के नाम से पहले कौन-सा शब्द?“मान्यवर”।
(च) लेखक ने अपने नाम से पहले क्या लिखा?“आपका”।

चित्रात्मक सूचना (Infographic — सार)

साल 1834 में 2 नवंबर को ‘एटलस’ नामक जहाज़ भारतीय मज़दूरों को लेकर मॉरिशस पहुँचा था। इसी दिन को वहाँ अप्रवासी दिवस (Indian Arrival Day) के रूप में मनाया जाता है।

  • मॉरिशस में भारतीय मूल के लोगों की आबादी 68% से ज़्यादा है।
  • अधिकतर लोग बिहार से थे, पर तमिल, तेलुगु और मराठी लोगों की भी अच्छी संख्या थी।
  • मॉरिशस की संस्कृति में भोजपुरी गीतों और हिंदी फ़िल्मों का खास योगदान है।
  • मॉरिशस के पहले प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम भी भारतीय मूल के थे।

Imp बिंदु (Points to Remember)

  • यह पाठ एक यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें लेखक स्वयं देखे दृश्यों का सजीव वर्णन करते हैं।
  • नैरोबी नेशनल पार्क खुला जंगल है — चिड़ियाघर नहीं।
  • मॉरिशस “हिंद महासागर का मोती” कहलाता है और छोटा-सा हिंदुस्तान है।
  • वहाँ की अधिकांश आबादी भारतीय मूल की है; भोजपुरी व हिंदू संस्कृति जीवंत है।
  • भारतीयों ने अत्याचार सहकर भी अपने धर्म व संस्कृति की रक्षा की — यही गर्व की बात है।